कर्मचारियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर; जनरल मोटर्स की नई गाइडलाइन, गूगल में फ्री स्पीच पर सख्ती

दुनियाभर की बड़ी-बड़ी कंपनियों में एक नया ट्रेंड सामने आया है। ये कंपनियां ट्विटर या फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए किसी पोस्ट या किसी और के मैसेज पर सिर्फ ‘लाइक’ करने से कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं। यह कर्मचारियों के फ्री स्पीच के अधिकार के खिलाफ है। ये बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के सोशल मीडिया बिहेवियर पर नजर रख रही हैं। कंपनियां इसे लेकर भी चिंतित हैं कि उनके कर्मचारी कहां-क्या बात कर रहे हैं।


कर्मचारियों पर कार्रवाई के ऐसे कई केस सामने आए हैं। हाल ही में बीते दिसंबर में ब्रिटिश एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल ने सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट (थिंक टैंक) के उस फैसले को सही बताया, जिसमें उसने अपनी एक रिसर्चर का कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ इसलिए रीन्यू नहीं किया, क्योंकि उसने एक विवादित मुद्दे पर ट्वीट किया था। रिसर्चर माया फोर्सट्रेटर की उन्हीं के सहकर्मियों ने शिकायत की थी। इसी तरह का मामला जनवरी में सामने आया था, जब जोर्डी कैसामिटजाना नामक एक शख्स को उनके एक रहस्योघाट्न के लिए उनकी फर्म लीग अगेंस्ट क्रूअल स्पोर्ट्स ने कंपनी से बाहर कर दिया था।


जोर्डी ने कहा था कि एनीमल चैरिटी से जुड़ी इस फर्म ने अपने पेंशन फंड का पैसा उन कंपनियों में इन्वेस्ट किया है, जो एनीमल टेस्टिंग जैसे विषयों में लिप्त हैं।  नीदरलैंड में रोजगार सेक्टर से जुड़े वकील पास्कल बेसलिंक कहते हैं- ऑन स्पॉट हर दस कर्मचारियों में से एक को बाहर निकालने की वजह सोशल मीडिया से जुड़ी है। कर्मचारियों को उनकी राजनीतिक विचारधारा के लिए भी शिकार बनाया जाता रहा है। यूरोपीय देशों और अमेरिका में सिर्फ राजनीतिक विचारधारा के आधार पर कर्मचारियों को निकालना अवैध है, बावजूद  इसके ऐसा हो रहा है। 


दिग्गज कंपनियां में क्या चल रहा है?


गूगल: फ्री स्पीच का कल्चर खात्मे की ओर
गूगल पर कर्मचारियों की आवाज़ दबाने के आरोप लगते रहे हैं। सेक्सुअल हैरेसमेंट के मामलों से लेकर चीन में रहस्यमय तरीके से काम करने को लेकर उठी आवाजा़ें को चुप कराने की कोशिशों पर उसकी आलोचना होती रही है। इतना ही नहीं, कंपनी में फ्री स्पीच से जुड़े सेलिब्रेशन- थैंक गॉड इट्स फ्राइडे के कार्यक्रम भी घटने लगे हैं।


जनरल मोटर्स: कर्मचारियों पर कंडक्ट कोड
कंपनी ने कर्मचारियों के लिए कंडक्ट कोड लागू किया हुआ है। यह कर्मचारियों के स्पीच, एक्सप्रेशन पर तब भी नियंत्रण लगाता है, जबकि वे काम पर नहीं होते हैं।


एनबीए: एक ट्वीट से करोड़ों का नुकसान
अमेरिका की एनबीए इस साल करोड़ों डॉलर का नुकसान उठा सकती है। टीम ह्यूस्टन रॉकेट्स के जीएम ने हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र के समर्थन से जुड़ा एक ट्वीट किया था। इसपर खूब विवाद हुआ। 


अमेजन: बर्खास्तगी की धमकी दी
कर्मचारियों ने दावा किया कि कंपनी ने उन्हें धमकाया था कि अगर वे अमेजन की क्लाइमेट पॉलिसी के बारे में बात करेंगे या आलोचना करेंगे तो बर्खास्त हो सकते हैं। 


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